मुख्य द्वार साफ रखें
मुख्य द्वार को साफ, रोशन और रुकावट से मुक्त रखें क्योंकि इसे ऊर्जा का मुख्य प्रवेश बिंदु माना जाता है।
मुख्य द्वार, किचन, बेडरूम, ऑफिस, स्टडी स्पेस और घर की दैनिक ऊर्जा संतुलन के लिए सरल वास्तु सुझाव।
वास्तु टिप्स ऐसे व्यावहारिक सुझाव होते हैं जिनसे घर, ऑफिस, दुकान या कमरे को पारंपरिक वास्तु सिद्धांतों के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है।
इनमें दिशा, कमरे की स्थिति, साफ-सफाई, रोशनी, वेंटिलेशन, रंग, फर्नीचर की स्थिति और अव्यवस्था कम करने जैसे विषय शामिल होते हैं।
मुख्य द्वार को साफ, रोशन और रुकावट से मुक्त रखें क्योंकि इसे ऊर्जा का मुख्य प्रवेश बिंदु माना जाता है।
उत्तर-पूर्व को पारंपरिक रूप से साफ, हल्का और शांत रखा जाता है ताकि स्पष्टता और आध्यात्मिक संतुलन बना रहे।
किचन के लिए दक्षिण-पूर्व को सामान्यतः शुभ माना जाता है, और अग्नि व जल तत्वों को बहुत पास नहीं रखना चाहिए।
बेडरूम को शांत रखें, बिस्तर के सामने दर्पण से बचें और अनावश्यक इलेक्ट्रॉनिक सामान कम रखें।
टूटी वस्तुएं, अनावश्यक सामान और बंद कोने स्थान को भारी और निष्क्रिय महसूस करा सकते हैं।
प्राकृतिक रोशनी, ताजी हवा और साफ खिड़कियां स्थान को अधिक सक्रिय, खुला और सकारात्मक बनाती हैं।
सबसे पहले मुख्य द्वार, उत्तर-पूर्व, मध्य भाग, किचन, बेडरूम और साफ-सफाई पर ध्यान दें।
डेस्क व्यवस्थित रखें, पीछे सहारा हो ऐसी सीटिंग रखें और कार्य क्षेत्र में अच्छी रोशनी रखें।
पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके साफ स्टडी सेटअप फोकस के लिए सहायक माना जाता है।
प्रवेश द्वार स्पष्ट रखें, कैश एरिया व्यवस्थित रखें और ग्राहक की आवाजाही आसान रखें।