नए घर में प्रवेश के लिए पारंपरिक रूप से उपयुक्त तिथि चुनना
गृह प्रवेश मुहूर्त
गृह प्रवेश मुहूर्त वह पारंपरिक रूप से चुना गया शुभ समय है जिसमें नए घर में प्रवेश और उससे जुड़े गृह प्रवेश संस्कार किए जाते हैं।
What is Griha Pravesh Muhurat?
गृह प्रवेश का अर्थ नए घर में पहली बार पारंपरिक और शुभ तरीके से प्रवेश करना है।
गृह प्रवेश संस्कार के लिए उपयुक्त समय चुनना
पंचांग शुद्धि करना
तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की जांच करना
चंद्र मास की जांच करना
पारंपरिक रूप से वर्जित अवधियों से बचना
पूजा, हवन और वास्तु शांति के लिए उपयुक्त मुहूर्त चुनना
Griha Pravesh Me Kya Include Hota Hai?
Important Griha Pravesh Muhurat Factors
तिथि
तिथि चंद्र दिवस को दर्शाती है और गृह प्रवेश मुहूर्त चुनते समय पंचांग के महत्वपूर्ण कारकों में से एक है।
Dwitiya
Tritiya
Panchami
Saptami
Dashami
Ekadashi
Dwadashi
Trayodashi
शुभ और वर्जित तिथियां अपनाई गई परंपरा और गणना पद्धति के अनुसार अलग हो सकती हैं।
वार
पारंपरिक गृह प्रवेश गणना में सप्ताह के वार की भी जांच की जाती है।
Monday
Wednesday
Thursday
Friday
अलग-अलग परंपराओं में वार को अलग महत्व दिया जा सकता है।
नक्षत्र
नक्षत्र उस समय सक्रिय चंद्र नक्षत्र को दर्शाता है जब गृह प्रवेश किया जाना है।
Rohini
Mrigashira
Uttara Phalguni
Chitra
Anuradha
Uttara Ashadha
Dhanishtha
Shatabhisha
Uttara Bhadrapada
Revati
उपयुक्त नक्षत्रों की सूची अलग-अलग परंपराओं में अलग हो सकती है।
योग
योग पंचांग के पाँच मुख्य अंगों में से एक है जिसे मुहूर्त चुनते समय देखा जाता है।
करण
करण तिथि का आधा भाग होता है और मुहूर्त गणना में इसका उपयोग किया जाता है।
चंद्र मास
चंद्र मास की जांच इसलिए की जाती है क्योंकि कुछ चंद्र मास या अवधियों को पारंपरिक रूप से गृह प्रवेश के लिए अलग रखा जा सकता है।
अधिक मास को कई पारंपरिक गृह प्रवेश गणनाओं में अलग रखा जाता है।
पंचांग शुद्धि
पंचांग शुद्धि वह प्रक्रिया है जिसमें पंचांग के विभिन्न तत्वों की जांच करके पारंपरिक रूप से उपयुक्त गृह प्रवेश तिथियों को चुना जाता है।
Tithi
Vaar
Nakshatra
Yoga
Karana
Lunar Month
Traditional restrictions
Traditionally Restricted Periods
अधिक मास
एक अतिरिक्त चंद्र मास जिसे कुछ परंपराओं में गृह प्रवेश सहित कई शुभ कार्यों के लिए अलग रखा जाता है।
गुरु तारा अस्त
बृहस्पति के अस्त या अस्तंगत माने जाने की पारंपरिक अवधि, जिसे गृह प्रवेश के लिए टाला जा सकता है।
शुक्र तारा अस्त
शुक्र के अस्त या अस्तंगत माने जाने की पारंपरिक अवधि, जिसे गृह प्रवेश के लिए टाला जा सकता है।
वर्जित तिथि
चुनी गई पारंपरिक गणना के अनुसार कुछ तिथियों को गृह प्रवेश के लिए वर्जित माना जा सकता है।
वर्जित वार
चुनी गई परंपरा के अनुसार कुछ वारों को गृह प्रवेश के लिए अलग रखा जा सकता है।
अनुपयुक्त नक्षत्र
यदि पारंपरिक रूप से उपयुक्त नक्षत्र उपलब्ध नहीं है तो उस तारीख को अस्वीकार किया जा सकता है।
गृह प्रवेश पूजा
- Name
गणेश पूजा
Purposeसमारोह शुरू करने से पहले पारंपरिक रूप से भगवान गणेश की पूजा।
- Name
वास्तु पूजा
Purposeवास्तु और घर से संबंधित पारंपरिक पूजा।
- Name
वास्तु शांति
Purposeघर के लिए किया जाने वाला पारंपरिक शांति अनुष्ठान।
- Name
हवन / होमम
Purposeगृह प्रवेश के दौरान किया जाने वाला पारंपरिक अग्नि अनुष्ठान।
- Name
कलश अनुष्ठान
Purposeगृह प्रवेश के समय कलश से संबंधित पारंपरिक अनुष्ठान।
गृह प्रवेश मुहूर्त समय
उपयुक्त तिथियों को filter करने के बाद गृह प्रवेश संस्कार के लिए एक निश्चित समय-खंड निकाला जाता है।
24 June 2026
06:03 AM
01:59 PM
Chitra
Dashami
Traditionally Suitable
यह केवल उदाहरण है। वास्तविक मुहूर्त स्थान और गणना पद्धति पर निर्भर करता है।
Griha Pravesh Muhurat Calculation Process
गृह प्रवेश मुहूर्त स्थान पर निर्भर करता है। सूर्योदय, पंचांग के समय और मुहूर्त का समय शहर के अनुसार बदल सकता है।
वर्ष चुनें।
घर का शहर या स्थान चुनें।
चुनी गई अवधि का पंचांग calculate करें।
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की जांच करें।
चंद्र मास की जांच करें।
पारंपरिक रूप से वर्जित अवधियों को हटाएं।
पंचांग शुद्धि लागू करें।
उपलब्ध शुभ समय-खंड खोजें।
अंतिम गृह प्रवेश तिथि और मुहूर्त दिखाएं।
सामान्य गृह प्रवेश मुहूर्त मुख्य रूप से स्थान, पंचांग और पारंपरिक गृह प्रवेश नियमों के आधार पर निकाला जाता है।
व्यक्तिगत गणना में चुनी गई ज्योतिषीय पद्धति के अनुसार घर के मालिक या परिवार की जन्म जानकारी को भी शामिल किया जा सकता है।
यह बताता है: घर में कब प्रवेश करें और गृह प्रवेश संस्कार कब करें?
यह बताता है: संपत्ति कब खरीदें, रजिस्टर करें या property transaction पूरा करें?
गृह प्रवेश मुहूर्त और संपत्ति खरीद मुहूर्त अलग-अलग गणनाएं हैं।
30 December 2026
Wednesday
Saptami
Uttara Phalguni
Example Yoga
Example Karana
Example Lunar Month
07:00 AM
12:36 PM
true
Example City
Traditionally Suitable
General Griha Pravesh Muhurat
It does not guarantee prosperity.
It does not guarantee happiness in the house.
It does not replace practical decisions related to the property.
It does not mean every other time is automatically bad.
यह समृद्धि की गारंटी नहीं देता।
यह घर में सुख की गारंटी नहीं देता।
यह property से जुड़े व्यावहारिक निर्णयों का विकल्प नहीं है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि बाकी सभी समय अपने आप अशुभ हैं।
Advantages
- घर में प्रवेश की तिथि चुनने के लिए एक व्यवस्थित पारंपरिक तरीका प्रदान करता है।
- तिथि के साथ सटीक समय-खंड की जानकारी प्रदान करता है।
- गृह प्रवेश पूजा, हवन और वास्तु शांति के समय को भी शामिल किया जा सकता है।
- घर के स्थान के अनुसार इसकी गणना की जा सकती है।
Limitations
- नियम क्षेत्र और परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं।
- अलग-अलग पंचांगों से परिणाम अलग हो सकते हैं।
- सटीक मुहूर्त स्थान पर निर्भर करता है।
- गृह प्रवेश मुहूर्त एक पारंपरिक प्रथा है और यह सुख-समृद्धि या खुशी की वैज्ञानिक गारंटी नहीं है।
Exact Muhurat location aur tradition ke hisaab se calculate hota hai
गृह प्रवेश मुहूर्त पारंपरिक हिंदू ज्योतिष और मुहूर्त पद्धति पर आधारित है। इसके नियम क्षेत्र, पंचांग और परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए वेबसाइट पर सटीक तिथि और समय को चुने गए स्थान और गणना पद्धति के अनुसार calculate करना चाहिए, hardcode नहीं करना चाहिए।
Griha Pravesh Form Bharein