उत्तर
अवसर, धन प्रवाह और व्यापार वृद्धि से जुड़ी दिशा। कैश काउंटर या अकाउंट्स एरिया यहां विचार किया जा सकता है।
संतुलित कार्यस्थल के लिए ऑफिस प्रवेश, मालिक केबिन, स्टाफ सीटिंग, रिसेप्शन, मीटिंग रूम और कैश काउंटर की स्थिति समझें।
ऑफिस वास्तु कार्यालय, दुकान, शोरूम, स्टूडियो और व्यावसायिक स्थानों में वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का उपयोग है। इसमें प्रवेश द्वार, सीटिंग, केबिन, रिसेप्शन, मीटिंग एरिया, कैश काउंटर, स्टोरेज और मूवमेंट फ्लो देखा जाता है।
सही तरह से व्यवस्थित कार्यस्थल एकाग्रता, उत्पादकता, निर्णय क्षमता, टीम तालमेल और आर्थिक स्थिरता में सहायक माना जाता है। इसके साथ व्यावहारिक प्लानिंग, साफ-सफाई, रोशनी और वेंटिलेशन भी जरूरी हैं।
अवसर, धन प्रवाह और व्यापार वृद्धि से जुड़ी दिशा। कैश काउंटर या अकाउंट्स एरिया यहां विचार किया जा सकता है।
पहचान, योजना और नए विचारों से जुड़ी दिशा। प्रवेश या कार्य डेस्क यहां अनुकूल हो सकते हैं।
अधिकार और स्थिरता से जुड़ी दिशा। मालिक केबिन या वरिष्ठ प्रबंधन की सीटिंग यहां अनुकूल मानी जाती है।
गतिशीलता, संवाद और नेटवर्किंग से जुड़ी दिशा। सेल्स, सपोर्ट या गेस्ट सीटिंग यहां उपयुक्त हो सकती है।
अग्नि और ऊर्जा से जुड़ी दिशा। पैंट्री, इलेक्ट्रिकल पैनल या उपकरण क्षेत्र यहां विचार किया जा सकता है।
स्पष्टता और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी दिशा। इस क्षेत्र को हल्का, साफ और शांत रखें।
नक्शे के अनुसार उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व सामान्यतः अनुकूल माने जाते हैं।
अधिकार और स्थिरता के लिए दक्षिण-पश्चिम पारंपरिक रूप से अनुकूल माना जाता है।
ऑफिस डिजाइन के अनुसार उत्तर-पूर्व, पूर्व या उत्तर दिशा विचार की जा सकती है।
एकाग्रता के लिए पूर्व या उत्तर मुखी वर्कस्टेशन सामान्यतः अनुकूल माने जाते हैं।
व्यवसाय की आवश्यकता के अनुसार पश्चिम, उत्तर-पश्चिम या उत्तर उपयुक्त हो सकते हैं।
उत्तर दिशा को वित्त से जोड़ा जाता है; दक्षिण-पश्चिम स्टोरेज स्थिरता में सहायक माना जाता है।
अवरुद्ध प्रवेश ग्राहक प्रवाह, पहचान और कार्यस्थल की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है।
दीवार सपोर्ट के बिना या अस्थिर क्षेत्र में मालिक की सीटिंग निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
स्पष्टता के लिए उत्तर-पूर्व को हल्का, साफ और शांत रखना बेहतर माना जाता है।
अंधेरा और बिना हवा वाला कार्यस्थल फोकस, उत्पादकता और टीम आराम को प्रभावित कर सकता है।