पारंपरिक रूप से शुभ विवाह तिथि चुनना
विवाह मुहूर्त
विवाह मुहूर्त वह पारंपरिक रूप से चुना गया शुभ समय है जिसमें विवाह संस्कार और उससे जुड़े मुख्य विवाह अनुष्ठान किए जाते हैं।
What is Marriage Muhurat?
विवाह मुहूर्त का उद्देश्य पंचांग और अन्य ज्योतिषीय कारकों का अध्ययन करके विवाह संस्कार के लिए पारंपरिक रूप से उपयुक्त समय चुनना है।
मुख्य विवाह संस्कार के लिए उपयुक्त समय चुनना
पंचांग शुद्धि देखना
लग्न शुद्धि देखना
पारंपरिक रूप से वर्जित समय और दोषों से बचना
वर और वधू की जन्म जानकारी के आधार पर मुहूर्त को व्यक्तिगत बनाना
Important Marriage Muhurat Factors
तिथि
तिथि चंद्रमा की स्थिति पर आधारित पंचांग का एक प्रमुख अंग है।
Dwitiya
Tritiya
Panchami
Saptami
Ekadashi
Trayodashi
Chaturthi
Navami
Chaturdashi
ये पारंपरिक उदाहरण हैं। अलग-अलग पंचांग और परंपराओं में नियम अलग हो सकते हैं।
वार
Monday
Wednesday
Thursday
Friday
Tuesday
अलग-अलग परंपराओं में वार को अलग महत्व दिया जा सकता है।
नक्षत्र
विवाह के चुने गए समय पर सक्रिय चंद्र नक्षत्र।
Rohini
Mrigashira
Magha
Uttara Phalguni
Hasta
Swati
Anuradha
Uttara Ashadha
Uttara Bhadrapada
Revati
शुभ नक्षत्रों की सटीक सूची परंपरा और ज्योतिषीय पद्धति के अनुसार बदल सकती है।
योग
पंचांग के पाँच मुख्य अंगों में से एक, जिसे विवाह मुहूर्त चुनते समय देखा जाता है।
पारंपरिक रूप से कुछ योगों को शुभ माना जाता है और कुछ को विवाह के लिए टाला जाता है।
करण
करण तिथि का आधा भाग होता है और पंचांग गणना में इसका उपयोग किया जाता है।
Bava
Balava
Kaulava
Taitila
Garaja
Vanija
Vishti
Shakuni
Chatushpada
Naga
लग्न
विवाह के चुने गए समय पूर्वी क्षितिज पर उदित होने वाली राशि को लग्न कहा जाता है।
विस्तृत विवाह मुहूर्त गणना में लग्न शुद्धि को महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से प्रथम और सप्तम भाव पर ध्यान दिया जाता है।
Gemini
Virgo
Libra
शुभ लग्न की पसंद अपनाई जाने वाली ज्योतिषीय पद्धति के अनुसार अलग हो सकती है।
ग्रहों की स्थिति
विस्तृत विवाह मुहूर्त गणना में चुने गए समय पर ग्रहों की स्थिति का भी अध्ययन किया जा सकता है।
पंचांग शुद्धि
पंचांग शुद्धि का अर्थ पंचांग के तत्वों और संबंधित परिस्थितियों की जांच करके विवाह के लिए उपयुक्त समय-खंड चुनना है।
Tithi
Nakshatra
Yoga
Karana
Vaar
Other traditional Doshas and restrictions
लग्न शुद्धि
लग्न शुद्धि विवाह के समय चुने गए लग्न और उससे संबंधित ज्योतिषीय स्थितियों की जांच करने की प्रक्रिया है।
Lagna
Seventh House
Planetary strength
Lagna Dosha
Relevant traditional combinations
Marriage Muhurat Calculation Process
वर्ष और स्थान चुनें।
आवश्यक अवधि का पंचांग निकालें।
पारंपरिक रूप से वर्जित अवधियों को हटाएं।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण की जांच करें।
पंचांग शुद्धि करें।
उपयुक्त लग्न के समय-खंड खोजें।
लग्न शुद्धि और अन्य संबंधित जांच करें।
यदि व्यक्तिगत मुहूर्त चाहिए तो वर और वधू की जन्म जानकारी का उपयोग करें।
अंतिम विवाह मुहूर्त का समय-खंड तैयार करें।
Traditionally Avoided Periods
एक पारंपरिक रूप से प्रतिबंधित चार महीने की अवधि जिसमें कई शुभ कार्यों और कई परंपराओं में विवाह को टाला जाता है।
अधिक मास को कई पारंपरिक विवाह मुहूर्त गणनाओं में शुभ विवाह के लिए अलग रखा जाता है।
कुछ सौर महीनों को कुछ परंपराओं में खरमास माना जाता है और विवाह के लिए टाला जाता है।
गुरु अस्त वह पारंपरिक अवधि है जब बृहस्पति को अस्त माना जाता है और इस दौरान विवाह को टाला जा सकता है।
शुक्र अस्त वह पारंपरिक अवधि है जब शुक्र को अस्त माना जाता है और इस दौरान विवाह को टाला जा सकता है।
कुछ उत्तर भारतीय परंपराओं में होलाष्टक के दौरान विवाह को टाला जाता है।
ग्रहण की अवधि को अपनाई गई परंपरा के अनुसार विस्तृत मुहूर्त गणना में अलग रखा जा सकता है।
व्यक्तिगत विवाह मुहूर्त
व्यक्तिगत विवाह मुहूर्त में सामान्य मुहूर्त गणना के साथ वर और वधू दोनों की जन्म जानकारी का उपयोग किया जाता है।
Date of Birth
Time of Birth
Place of Birth
Date of Birth
Time of Birth
Place of Birth
Birth Rashi
Birth Nakshatra
Lagna
Chandrabala
Tarabala
Tri Bala
Ashtama Lagna
Relevant Doshas
20 November 2026
Friday
Shukla Panchami
Rohini
Example Yoga
Example Karana
Example Lagna
07:25 PM - 09:10 PM
true
true
General Marriage Muhurat
Traditionally Suitable
This is only an illustrative example. Actual Muhurat must be calculated according to date, location and the selected traditional method.
यह बताता है: विवाह संस्कार कब किया जाए?
यह बताता है: दोनों की जन्म कुंडलियों के बीच पारंपरिक अनुकूलता को कैसे देखा जाता है?
कुंडली मिलान और विवाह मुहूर्त अलग-अलग गणनाएं हैं, हालांकि विवाह से पहले दोनों को देखा जा सकता है।
Advantages
- विवाह का समय चुनने के लिए एक व्यवस्थित पारंपरिक तरीका प्रदान करता है।
- वर्ष की शुभ तिथियों के साथ सटीक समय-खंड भी दिए जा सकते हैं।
- वर-वधू की जन्म जानकारी के आधार पर इसे व्यक्तिगत बनाया जा सकता है।
- पंचांग और लग्न आधारित गणनाओं को एक साथ शामिल किया जा सकता है।
Limitations
- अलग-अलग परंपराओं में नियम अलग हो सकते हैं।
- अलग-अलग पंचांग या गणना पद्धतियों से परिणाम अलग हो सकते हैं।
- सटीक मुहूर्त स्थान पर निर्भर करता है।
- मुहूर्त विवाह की सफलता या सुखी वैवाहिक जीवन की वैज्ञानिक गारंटी नहीं है।
Final Vivah Muhurat location ke hisaab se calculate hota hai
विवाह मुहूर्त पारंपरिक हिंदू ज्योतिष और मुहूर्त पद्धति पर आधारित है। इसके नियम क्षेत्र, पंचांग और परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए वेबसाइट पर सटीक तिथि और समय चुने गए स्थान के अनुसार calculate करना चाहिए, hardcode नहीं करना चाहिए।
Marriage Muhurat Form Bharein